बिहार भूमि सर्वे 2027 तक टलेगा? जानिए जमीन मालिकों के लिए क्या है बड़ी खबर!
अगर आपने अभी तक अपनी जमीन के कागज तैयार नहीं किए हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बिहार में भूमि सर्वे का काम कई जगह काफी धीमा चल रहा है। पुराने कागजात न मिलने और वंशावली में देरी के कारण पूरी संभावना है कि यह सर्वे 2027 तक चलेगा। इसका मतलब है कि आपके पास अपने दस्तावेज सुधारने का पूरा मौका है।
आखिर सर्वे में इतनी देरी क्यों हो रही है?
सरकार जमीन के 100 साल पुराने रिकॉर्ड को नया बना रही है। इसमें लोगों को अपने दादा-परदादा के कागज ढूंढ़ने और वंशावली बनवाने में काफी समय लग रहा है। सरकार चाहती है कि हर इंसान को अपनी बात रखने का मौका मिले ताकि भविष्य में जमीन का कोई झगड़ा न रहे।
अब आपको आराम से क्या-क्या करना चाहिए?
- घबराएं नहीं, पुराने खतियान की नकल आराम से निकलवाएं
- केवाला (Registry Document) की कॉपी सुरक्षित फाइल में रखें
- वंशावली को मुखिया या सरपंच से अटेस्ट करवा लें
- जमीन की लगान रसीद को एकदम नया (Current) कटवा लें
एक जरूरी सलाह
भले ही समय बढ़ गया हो, लेकिन इसे टालें नहीं। अपने गांव के सर्वे शिविर (कैंप) में जाकर अमीन से मिलते रहें और जानकारी लेते रहें।
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