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अधिकारियों में हड़कंप! मंत्री जी खुद करेंगे मॉनिटरिंग, 25 मई से धड़ाधड़ पास होंगे दाखिल-खारिज और परिमार्जन के पेंडिंग मामले

अगर आपका दाखिल-खारिज, परिमार्जन या जमीन नापी का काम ब्लॉक (अंचल) में महीनों से अटका पड़ा है, तो आपके लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है! राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को पारदर्शी और तेज बनाने के लिए माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। 25 मई से 11 जून 2026 तक मंत्री जी खुद हर दिन 3 जिलों के अधिकारियों के साथ सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) करेंगे और पेंडिंग फाइलों का हिसाब मांगेंगे। आइए जानते हैं सरकार के इस कड़े 'एक्शन प्लान' से आम जनता को क्या-क्या फायदे होंगे।

क्या है सरकार का नया 'एक्शन प्लान'?

अधिकारियों की सुस्ती दूर करने के लिए विभाग ने एक बेहद सख्त रूटीन तैयार किया है:

  • हर दिन 3 जिलों की 'क्लास': 25 मई से हर कार्य दिवस पर 3 अलग-अलग जिलों की गहन समीक्षा होगी।
  • तीन पालियों में बैठक: शाम 4 से 5 बजे, 5 से 6 बजे और 6 से 7 बजे तक अधिकारियों की मीटिंग चलेगी।
  • सबकी हाजिरी अनिवार्य: इस मीटिंग में खुद जिलाधिकारी (DM), DCLR, CO (अंचलाधिकारी) और बंदोबस्त पदाधिकारियों को अपडेटेड रिपोर्ट के साथ मौजूद रहना होगा।

किन-किन पेंडिंग कामों पर होगी सबसे ज्यादा सख्ती?

मंत्री जी का मुख्य फोकस उन कामों पर है, जिनसे आम जनता रोज परेशान होती है:

  • दाखिल-खारिज (Mutation): ऑनलाइन म्यूटेशन में बेवजह लगाए गए 'डिफेक्ट' (Defect) और पेंडिंग मामलों की कड़ी जांच होगी।
  • परिमार्जन प्लस: ऑनलाइन जमाबंदी सुधारने और 'छूटी हुई जमाबंदियों' को कंप्यूटर पर चढ़ाने के काम की प्रोग्रेस जांची जाएगी।
  • ई-मापी और अभियान बसेरा: जमीन नापी के आवेदनों और भूमिहीनों को जमीन देने की योजनाओं का भी हिसाब लिया जाएगा।

जानिए आपके जिले का नंबर कब आएगा?

सरकार ने 25 मई से 11 जून तक का पूरा कलेंडर जारी कर दिया है। (कुछ प्रमुख तारीखें):

  • 25 मई: पश्चिम चंपारण, सहरसा, वैशाली।
  • 26 मई: कटिहार, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज।
  • 27 मई: सुपौल, रोहतास, पटना।
  • 29 मई: गया, जहानाबाद, औरंगाबाद।
  • इसी तरह यह सिलसिला 11 जून (दरभंगा और शेखपुरा) तक चलेगा।

आम जनता (आपको) इससे क्या सीधा फायदा होगा?

इस दैनिक मॉनिटरिंग का सबसे बड़ा असर ब्लॉक (अंचल) कार्यालयों पर पड़ेगा:

  • जवाबदेही तय होगी: अधिकारियों को पता होगा कि उन्हें सीधे पटना (मंत्री जी) को जवाब देना है, इसलिए वे फाइलों को बेवजह नहीं लटकाएंगे।
  • काम में तेजी: जो दाखिल-खारिज महीनों से पेंडिंग हैं, वो अब धड़ाधड़ पास होंगे ताकि अधिकारी मीटिंग में अपना 'टारगेट' पूरा दिखा सकें।
  • तुरंत एक्शन: इस दौरान आप अपने पेंडिंग मामलों को लेकर ब्लॉक जाएंगे तो कर्मचारी उसे टालने के बजाय जल्दी निपटाने की कोशिश करेंगे।

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