पुश्तैनी खतियान या केवाला ऑनलाइन नहीं दिख रहा? अब घर बैठे सरकार से करवाएं 'स्कैन और अपलोड'
बिहार में जमीन का सर्वे चल रहा है और ऐसे में अगर आपका पुराना खतियान, जमाबंदी या जमीन का कागज इंटरनेट पर नहीं है, तो बड़ी परेशानी हो सकती है। पहले ऐसे दस्तावेजों की नकल निकालने के लिए लोगों को ब्लॉक या जिला रिकॉर्ड रूम (Record Room) के चक्कर काटने पड़ते थे और दलालों को पैसे देने पड़ते थे। अब बिहार सरकार ने इस झंझट को बिल्कुल खत्म कर दिया है! अगर आपका कोई भी राजस्व दस्तावेज (Revenue Document) ऑनलाइन नहीं है, तो आप अपने मोबाइल से सीधे सरकार को उसे खोजकर स्कैन करने का 'ऑर्डर' (Request) दे सकते हैं।
क्या है यह नई सुविधा और कैसे काम करेगी?
कई बार ऐसा होता है कि आपके दादा-परदादा का कागज अंचल कार्यालय की फाइलों में तो है, लेकिन कंप्यूटर पर नहीं चढ़ाया गया है। अब आपको कर्मचारी की खुशामद नहीं करनी पड़ेगी।
- सीधी रिक्वेस्ट: अब आप सीधे ऑनलाइन रिक्वेस्ट डाल सकते हैं कि 'मेरा यह कागज पोर्टल पर नहीं है, कृपया इसे खोजकर अपलोड करें।'
- अधिकारियों की जिम्मेदारी: आपकी रिक्वेस्ट मिलते ही अंचल अधिकारी (CO) या संबंधित कर्मचारी की जिम्मेदारी होगी कि वह रिकॉर्ड रूम से फाइल खोजे, उसे मशीन से स्कैन करे और पोर्टल पर डाले।
- डिजिटल कॉपी: स्कैन होने के बाद वह कागज डिजिटली साइन (Digitally Signed) होकर आपके खाते में आ जाएगा, जिसे आप कभी भी डाउनलोड कर सकते हैं।
मोबाइल से कैसे करें अपने कागजों को मंगाने का 'अनुरोध'?
सरकार ने इसके लिए 'भू-अभिलेख पोर्टल' (Bhu-Abhilekh Portal) बनाया है। बस इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें:
- अपने मोबाइल के ब्राउज़र में https://bhuabhilekh.bihar.gov.in/bhu-lekh/ टाइप करें और वेबसाइट खोलें।
- वेबसाइट पर 'Public Login' (नागरिक लॉगिन) का ऑप्शन होगा। वहां अपना मोबाइल नंबर डालकर लॉग-इन करें।
- अपनी जमीन की डिटेल (जिला, अंचल, मौजा) डालें और चुनें कि आपको कौन सा दस्तावेज (जैसे खतियान, म्यूटेशन केस रिकॉर्ड, जमाबंदी पंजी) खोजना है।
- सर्च करने पर अगर वह डॉक्यूमेंट ऑनलाइन नहीं मिलता है, तो स्क्रीन पर ही 'दस्तावेज ऑनलाइन नहीं है, अनुरोध दर्ज करें' का ऑप्शन आएगा। उस पर क्लिक करके अपनी रिक्वेस्ट सबमिट कर दें।
इस सुविधा के 3 सबसे बड़े फायदे
आम जनता (रैयत) के लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है:
- पैसों और समय की बचत: अब रिकॉर्ड रूम से पक्की नकल निकालने के लिए मीलों सफर नहीं करना होगा और न ही कोई घूस देनी होगी।
- पक्की कानूनी मान्यता: जो कागज आपको इस पोर्टल से डाउनलोड होकर मिलेगा, उस पर अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature) होंगे। इसे कोर्ट से लेकर अंचल तक हर जगह 100% सही माना जाएगा।
- सर्वे में आसानी: बिहार भूमि सर्वे में यही डिजिटल कागज आपकी जमीन का पक्का सबूत साबित होगा।
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