सावधान! बिहार सर्वे में 'प्रपत्र-2' नहीं भरा तो छिन सकती है आपकी जमीन
प्रपत्र-2 आपके लिए एक तरह का 'दावा' है। सरकार घर-घर आकर नहीं पूछेगी कि कौन सी जमीन आपकी है। आपको खुद प्रपत्र-2 भरकर सरकार को बताना होगा कि यह जमीन मेरी है। अगर आप यह फॉर्म नहीं भरते हैं, तो आपकी जमीन किसी और के नाम चढ़ सकती है या उसे 'सरकारी' घोषित किया जा सकता है।
प्रपत्र-2 आखिर है क्या ?
यह एक 'स्व-घोषणा पत्र' (Self Declaration) है। इसमें आप लिखकर देते हैं कि मेरा नाम यह है, मेरे पिता/दादा का नाम यह है, और फलां खाता-खेसरा नंबर की जमीन पर मेरा कब्जा है।
फॉर्म न भरने के 3 सबसे बड़े नुकसान
- जमीन के नए खतियान में आपका नाम नहीं चढ़ेगा
- चाचा-भतीजे या पड़ोसी आपकी जमीन पर कब्जा जमा सकते हैं
- भविष्य में उस जमीन को बेचना या उस पर लोन लेना नामुमकिन हो जाएगा
इससे बचने के लिए तुरंत क्या करें?
- जमीन की चौहद्दी (आसपास कौन है) पता कर लें
- प्रपत्र-2 को बिना किसी कटिंग के साफ-साफ भरें
- आधार कार्ड और रसीद की फोटोकॉपी लगाकर शिविर में जमा कर दें
Online Tool
प्रपत्र-2 ऑनलाइन 2 मिनट में बनाएँअन्य उपयोगी टूल
🔔 सर्वे की कोई भी खबर न छूटने दें!
नया फॉर्म आते ही या नया नियम बनते ही सीधा अपने फोन पर नोटिफिकेशन पाएं।
📢 यह जानकारी दूसरों तक भी पहुंचाएं
अगर आपके गांव में भूमि सर्वे चल रहा है तो इस जानकारी को अपने WhatsApp ग्रुप में जरूर शेयर करें।